रानी बिटिया

खुश होकर रानी बिटिया;
सब घुल-मिल कर साथ रह रहे,
कितने अच्छे दिन आये|
पापा-मम्मी,दादा-दादी,
भइया,दीदी सब मिल कर,
खेल रहे हैं,कैरम,लूडो;
कितने अच्छे दिन आये |
बता रहे हैं पापा अपने
बचपन की सब शैतानी;
डाँट पड़ी है पापा को भी
करते थे जब शैतानी;
मम्मी भी बचपन में अपने
करती थी खूब शैतानी;
पूरे घर में कूदा करती,
मम्मी भी बचपन में अपने ;
कान खींच कर चपत पड़ी है
नानी को जब दिक् करती |
सब बैठे हैं आँगन में मिल,
साथ में समय बिताते हैं;
कोई उनके साथ बैठ कर,
बात नहीं करता जब-तब;
दादा की अब गयी शिकायत;
हर दम खुश ही रहते हैं |
सबकी अपनी स्मृतियाँ हैं,
सबकी अपनी ही दुनिया;
सब अपनी यादों में खो कर,
अपनी बातें बता रहे हैं;
बात-बात पर हँसते हैं सब;
कितने अच्छे दिन आये |
दादी ने सब पोल खोल दी;
कैसे थे मेरे पापा!
बचपन में करते थे शरारत ,
कैसी-कैसी मेरे पापा !
पापा मुँह पर उँगली रख,
चुप कराते दादी को;
लेकिन दादी कहे जा रही,
सारी करनी पापा की |
रोज डांटते पापा मुझको
यह न कर;
वह न कर रानी बिटिया;
अब जब भी डांटेंगे मुझको;
मैं पूँछूगी पापा से ;
दादी ने सब राज दे दिये;
पापा के करतूतों की;
खूब मजा आता है निश -दिन;
कितने अच्छे दिन आये|
दिन भर गरमा-गर्मी रहती;
रातें बीते खूब मजे से;
सबके मन के व्यंजन बनते;
साथ में खाते खूब मजे से;
सब-कुछ कितना अच्छा लगता;
कितने अच्छे दिन आये -2 |
रविशंकर उपाध्याय
मौलिक कृति एवं
सर्वाधिकार सुरक्षित |
Apt description of a child's perception of the present scenario.
ReplyDeleteThanks.
DeleteThis brings feel good factor in this gloomy environment 👍🏻
ReplyDeleteकोरोना काल के गुड साइड इफेक्ट्स😊
ReplyDeleteThank you very much Pramod .
ReplyDeleteChoti Bachchi Ka Drishtikon,,.
ReplyDeleteDadi Dada,Nani Nana,rishton ke madhyam se bahut khub warnan bachpan ka.positivity it will create in children.bachpan phir wapas aja....sSadhuwad.V.S.Tiwari.
बहुत बहुत धन्यवाद तिवारी जी ।आपके इस उत्साह वर्धन के लिए ।
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