Friday, May 22, 2020

कोरोना काल पर छोटी बच्ची का दृष्टिकोण



           रानी बिटिया 


पूरे घर में कूद रही है,

खुश होकर रानी बिटिया;
सब घुल-मिल कर साथ रह रहे,
कितने अच्छे दिन आये| 

पापा-मम्मी,दादा-दादी,
भइया,दीदी सब मिल कर,
खेल रहे हैं,कैरम,लूडो; 
कितने अच्छे दिन आये |

बता रहे हैं पापा अपने 
बचपन की सब शैतानी;
डाँट पड़ी है पापा को भी  
करते थे जब शैतानी;
मम्मी भी बचपन में अपने 
करती थी खूब शैतानी;

पूरे घर में कूदा करती, 
मम्मी भी बचपन में अपने ;
कान खींच कर चपत पड़ी है 
नानी को जब दिक् करती |

सब बैठे हैं आँगन में मिल, 
साथ में समय बिताते हैं;
कोई उनके साथ बैठ कर, 
बात नहीं करता जब-तब; 
दादा की अब गयी शिकायत; 
हर दम खुश ही रहते हैं |

सबकी अपनी स्मृतियाँ हैं, 
सबकी अपनी ही दुनिया; 
सब अपनी यादों में खो कर, 
अपनी बातें बता रहे हैं; 
बात-बात पर हँसते हैं सब; 
कितने अच्छे दिन आये |

दादी ने सब पोल खोल दी;
कैसे थे मेरे पापा! 
बचपन में करते थे शरारत ,
कैसी-कैसी मेरे पापा !
पापा मुँह पर उँगली रख,
चुप कराते दादी को;
लेकिन दादी कहे जा रही,
सारी करनी पापा की |

रोज डांटते पापा मुझको 
यह न कर;
वह न कर रानी बिटिया; 
अब जब भी डांटेंगे मुझको; 
मैं पूँछूगी पापा से ;
दादी ने सब राज दे दिये; 
पापा के करतूतों की;
खूब मजा आता है निश -दिन; 
कितने अच्छे दिन आये|

दिन भर गरमा-गर्मी रहती; 
रातें बीते खूब मजे से;
सबके मन के व्यंजन बनते;
साथ में खाते खूब मजे से;
सब-कुछ कितना अच्छा लगता;
कितने अच्छे दिन आये -2 |  
                                   
                        रविशंकर उपाध्याय 

मौलिक कृति एवं 
सर्वाधिकार सुरक्षित

7 comments:

  1. Apt description of a child's perception of the present scenario.

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  2. This brings feel good factor in this gloomy environment 👍🏻

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  3. कोरोना काल के गुड साइड इफेक्ट्स😊

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  4. Choti Bachchi Ka Drishtikon,,.
    Dadi Dada,Nani Nana,rishton ke madhyam se bahut khub warnan bachpan ka.positivity it will create in children.bachpan phir wapas aja....sSadhuwad.V.S.Tiwari.

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  5. बहुत बहुत धन्यवाद तिवारी जी ।आपके इस उत्साह वर्धन के लिए ।

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