Sunday, June 14, 2020

सुशांत सिंह राजपूत को एक विनम्र श्रद्धांजलि |

 
                                  आत्महत्या 


ऐसा क्या गम था जीवन में?
जिस गम को लेकर सीने में, 
दिल ही दिल में घुटते-घुटते; 
तुम चिर निद्रा में चले गये | 


रुपया,पैसा,गाड़ी,बंगला,
रुतबा,सम्मान सभी तो था, 
तुम तो उगते सूरज थे ;
फिर क्यों ?
सब कुछ छोड़ गये |
 
पूरा देश तुम्हारा था, 
हुनर ही तुम्हारा न्यारा था, 
मन की अपनी पीड़ा को 
अपनों से कहते तो सही, 
फिर चुटकी में हल होता, 
खुद में ही गुनते-धुनते 
यह लोक छोड़ पर लोक गये|  

कब से अवसाद रहा होगा, 
मन में कुविचार रहा होगा, 
यह दुनिया जीने लायक व
रहने लायक नहीं रही; 
यह विचार मन में ले कर, 
बस यही विचार दिल में लेकर, 
एकाकी होते चले गये; 
फिर कदम उठाया वह तुमने, 
जो ले जाता है कहीं नहीं; 
मरने से पहले जीना था, 
तुम जीने से पहले मर ही गये|  


ऊँची उड़ान में जीवन के 
कितने अपने खो जाते हैं; 
कुछ छूट गए,कुछ छोड़ दिया, 
उनको पीछे छोड़ कहीं, 
तुम बहुत दूर तक निकल गये; 
पीछे मुड़ कर देखा होता; 
वे मिल जाते वहीं कहीं,
लेकिन तुमने जहमत न किया, 
अपनों से अपनी बात कहो; 
खुद ही खुद में तिल-तिल मरते 
तुम इस दुनिया से चले गये|  


मन में मरने के विचार, 
जग झूठा लगने का विचार, 
सबके जीवन में कभी न कभी 
आते हैं ऐसे कुविचार; 
ऐसे में कोई अपना हो, 
जिससे तुम बाँट सको हर गम; 
वह तुमको दिल से ढाँढस दे, 
ले आये तुमको फिर निकाल,
उस अंधकार मय जीवन से, 
घुट-घुट कर मरते सपनों से,
फिर प्रकाश की किरण उगे, 
जीवन के सुन्दर प्रांगण में, 
जीवन की बगिया महक उठे, 
सुन्दर-सुन्दर फूलों से, 
क्या तुमने सब अपने अपनों को 
ऊँची उड़ान की भेंट चढ़ा दी ?
जिससे तुमको कोई न मिला,
तुम छोड़ हमें सुर लोक गये -2 |  
                                     
                           रविशंकर उपाध्याय 

मौलिक कृति एवं 
सर्वाधिकार सुरक्षित | 

8 comments:

  1. Great poem.. highlights problem of depression along with solution

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  2. A commendable effort highlighting upon the disastrous effect of a very serious problem that us seldom noticed and looked after.Brought tears to my eyes.

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  3. Very heart touching & well written... touches the right notes of the problem & suggests solution alongside...

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  4. मार्मिक ,, सुन्दर चित्रण ,,,

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  5. बहुत बहुत धन्यवाद ।

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