बच्चे
दोस्तों संग पढ़ने जायेगा,
धक्का-मुक्की खूब करेगा,
मस्ती उनके संग करेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
दुनियाँ भर की सारी बातें,
चीन की सारी करतूतें,
खाली घंटे में करेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
बड़ी-बड़ी डींगे हाँकेगा,
दोस्तों को भयभीत करेगा,
सुपरमैन की ताकत उसमें;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
मध्यकाल में साथ बैठ कर,
माँ के दिए पराठे लाकर,
मिल-जुलकर सब चट कर जायेंगे;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
खाली कालांश में मैदान चलें,
ऐसी वह मनुहार करेगा;
जब शिक्षक जी मान जायेंगे,
आँखों ही आँखों में खुश हो,
उनके संग मैदान जायेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
मन लगा कर कक्षा में,
सारे पाठ याद करेगा,
जल्दी से छुट्टी हो जाये,
जल्दी से वह बैग उठाये,
सबसे पहले घर को भागे ,
फिर से वह दिन कब आयेगा |
बस्ता फेंक कहीं भी घर में,
जल्दी से कुछ खा लेगा;
दोस्तों संग मैदान पहुँचकर ,
बहुत देर तक खेलेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
थक-हार कर घर आयेगा;
अपनी माँ से डाँट खायेगा;
फिर वह पढ़ने बैठेगा;
अपना सारा गृहकार्य ख़त्मकर;
बेफ़िक्री में सो जायेगा;
दोस्तों की जन्मदिन पार्टी में,
सजधज कर वह जायेगा;
दोस्तों संग डांस करेगा,
ढेरों फोटो खींचवायेगा;
बात-बात पर हल्ला होगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
छुट्टी के दिन सुबह से ही,
बल्ला,विकेट और गेंद ले,
मैदान में डट जायेगा;
प्रतिद्वंदी को धूल चटाकर,
अगले मैच की रणनीति बनाता,
देरी से वह घर आयेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
नयी फ़िल्म के लगते ही,
पापा-मम्मी से जिद करके,
फ़िल्म देखने वह जायेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
खिड़की पर बैठे-बैठे,
इंतजार करते-करते,
गर्मी बीत रही है पूरी;
घर से कभी न बाहर आना,
गली,मोहल्ला कहीं न जाना,
घर में बैठे बोर हो रहा;
नानी के घर कब जायेगा ?
फिर से वह दिन कब आयेगा |
कब तक ऐसे ही रहना?
सोच-सोच कर दिल बैठे,
टी.वी.देख रहा है दिनभर,
किताबें सब चाट चुका है;
बातें सबकी ख़त्म हो चुकी,
फिर से वह दिन कब आयेगा |
हम सारे नियम मानेंगे,
दूरी आपस में रखेंगे,
समय-समय पर हाथ धुलेंगे,
योग व प्राणायाम करेंगे,
बाहर का कुछ न खायेंगे,
लेते ऐसे संकल्प दिलों में;
सारे बच्चे सोच रहे हैं,
फिर से वह दिन कब आयेगा-2 |
रविशंकर उपाध्याय
धक्का-मुक्की खूब करेगा,
मस्ती उनके संग करेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
दुनियाँ भर की सारी बातें,
चीन की सारी करतूतें,
खाली घंटे में करेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
बड़ी-बड़ी डींगे हाँकेगा,
दोस्तों को भयभीत करेगा,
सुपरमैन की ताकत उसमें;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
मध्यकाल में साथ बैठ कर,
माँ के दिए पराठे लाकर,
मिल-जुलकर सब चट कर जायेंगे;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
ऐसी वह मनुहार करेगा;
जब शिक्षक जी मान जायेंगे,
आँखों ही आँखों में खुश हो,
उनके संग मैदान जायेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
सारे पाठ याद करेगा,
जल्दी से छुट्टी हो जाये,
जल्दी से वह बैग उठाये,
सबसे पहले घर को भागे ,
फिर से वह दिन कब आयेगा |
जल्दी से कुछ खा लेगा;
दोस्तों संग मैदान पहुँचकर ,
बहुत देर तक खेलेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
अपनी माँ से डाँट खायेगा;
फिर वह पढ़ने बैठेगा;
अपना सारा गृहकार्य ख़त्मकर;
बेफ़िक्री में सो जायेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
दोस्तों की जन्मदिन पार्टी में,
सजधज कर वह जायेगा;
दोस्तों संग डांस करेगा,
ढेरों फोटो खींचवायेगा;
बात-बात पर हल्ला होगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
छुट्टी के दिन सुबह से ही,
बल्ला,विकेट और गेंद ले,
मैदान में डट जायेगा;
प्रतिद्वंदी को धूल चटाकर,
अगले मैच की रणनीति बनाता,
देरी से वह घर आयेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
नयी फ़िल्म के लगते ही,
पापा-मम्मी से जिद करके,
फ़िल्म देखने वह जायेगा;
फिर से वह दिन कब आयेगा |
खिड़की पर बैठे-बैठे,
इंतजार करते-करते,
गर्मी बीत रही है पूरी;
घर से कभी न बाहर आना,
गली,मोहल्ला कहीं न जाना,
घर में बैठे बोर हो रहा;
नानी के घर कब जायेगा ?
फिर से वह दिन कब आयेगा |
सोच-सोच कर दिल बैठे,
टी.वी.देख रहा है दिनभर,
किताबें सब चाट चुका है;
बातें सबकी ख़त्म हो चुकी,
फिर से वह दिन कब आयेगा |
हम सारे नियम मानेंगे,
दूरी आपस में रखेंगे,
समय-समय पर हाथ धुलेंगे,
योग व प्राणायाम करेंगे,
बाहर का कुछ न खायेंगे,
लेते ऐसे संकल्प दिलों में;
सारे बच्चे सोच रहे हैं,
फिर से वह दिन कब आयेगा-2 |
मौलिक कृति एवं
सर्वाधिकार सुरक्षित |
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