होली
भ्रमर झुण्ड टोली में
हर तरफ फिर रहे,
मदमाती सी मस्ती में
मकरंद नथुनों में विथ;
यौवन के गीत गाते;
मधु की कोठारी के
सर पर मडरा रहे ;
अपनों की सुध नहीं,
औरों को भरमा रहे ;
आनंद और सुख के गीत
चहुँ ओर गा रहे हैं |
प्रकृति आज दूल्हन बन,
सोलह श्रृंगार कर ,
मन भावन रूप धर,
मन को भरमा रही ;
सरसों के पुष्प गुच्छ
कानों की शोभा बन;
सेमर और पलास के
नव गुम्फित पुष्प देखो,
चूनर में गुथ करके
शोभा बढ़ा रहे;
ठुमक-ठुमक गजगामिनी सी
चहुँ ओर छा रही है;
तन-मन की शोभा देख,
अम्बर भी भरमा रहा है;
हर तरफ सिर्फ ख़ुशी
और सब आनंदित हैं,
गा रहे हैं नाच रहे,
आनंद विभोर हो
खुशियां मना रहे हैं|
चिड़ियों का झुण्ड देखो,
चहुँ ओर चहक रहा;
कहीं कूँ-कूँ कही काँ-काँ,
कहीं मयूर नाच रहा;
कहीं कोयल की कूँ.... की ध्वनि,
अम्बर में छा रही;
तोतों का पूरा कुनबा
देखो कहीं जा रहा;
मस्त हैं सब आपस में;
हॅंस रहे हैं,गा रहे हैं,
सुख की अनुभूति करते
रस रंग आँखों में विथ,
चहुँ ओर छा रहे हैं|
फसलों के क्या कहने!
धीर गंभीर लग रही हैं;
लक-दक लदी हुई हैं;
बाली और फलियों से;
हवा जैसे उन्हें छेड़
मन-मन मुसका रही;
अंदर तक हुलसा रही;
वे भी आनंदित हो,
अठखेली का मजा लेती,
मन ही मन खुश होती,
खुद ही मुसका रही,
यौवन रस छा रहा,
चेहरे की ख़ुशी आज
रोके न रोकी जाय;
मन की प्रसन्नता
तरह-तरह के रंगों में,
चेहरे पर आ रही है -२ |
मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित |
रवि शंकर उपाध्याय
बहुत ही खूबसूरत रचना, होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
ReplyDeleteसुधांशु रस्तोगी,
बलरामपुर/लखनऊ
धन्यवाद। होली की हार्दिक बधाई।
Deleteभावप्रवण !
ReplyDeleteशुभ होली रवि भाई...
धन्यवाद। आप को भी होली की हार्दिक बधाई।
ReplyDeleteअदबुध चित्रण। होली की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻
ReplyDeleteधन्यवाद। होली की हार्दिक शुभकामनाएं ।
ReplyDeleteक्या खूब सर ।। होली की हार्दिक बधाई आपको
ReplyDeleteधन्यवाद। होली की असीम बधाइयाँ।
Deleteबहुत ही सुंदर, मधुर, मनमोहक, यथार्थपूर्ण कविता। होली की ढेर सारी बधाइयां वा शुभकामनाएं श्रीमान
ReplyDeleteधन्यवाद। आपको भी।
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