Saturday, February 13, 2021

प्यार आजकल

                    प्यार आजकल



 






पहली नज़र में भा गये, 

दिल में उसके छा गये, 

दिल ज़ोर से धड़क उठा; 

यही है प्यार आजकल!


न उससे कुछ पूछा कभी; 

न उसकी राय ही लिया!

खुद ही सब निर्णय लिया!

यही है प्यार आजकल!


सारे काम-धाम छूटे; 

अपने सारे उससे रूठे; 

उसने न परवाह किया; 

यही है प्यार आजकल!


उसने सब जतन किया, 

जिससे उसकी वह बने; 

उसका प्रयास व्यर्थ रहा; 

यही है प्यार आजकल!


अब वह गुस्से में हुआ, 

इधर-उधर फिर रहा; 

दिल में द्वेष पल रहा; 

यही है प्यार आजकल!


अगर वह मेरी न हुई; 

किसी और की न होने देंगे; 

यही विचार पल रहा; 

यही है प्यार आजकल!


चेहरे पर गुमान उसे; 

न चेहरा सुन्दर रहने देंगे! 

रात-दिन वह सोच रहा;

 यही है प्यार आजकल!


उसको कुछ पता नहीं,  

वह पीछे उसके लग लिया; 

चेहरा उसका झुलस दिया! 

यही है प्यार आजकल!


वह दर्द से तड़प रही; 

तमाशबीन जुट गये!

सबने वीडियो बनाया!

यही है प्यार आजकल!


बाद में पकड़ा गया वह;  

अब जेल में पड़े हुये,

पश्चाताप कर रहा; 

यही है प्यार आजकल!


उसकी तो जिंदगी ख़राब! 

झुलसा हुआ चेहरा लिये,

प्रारब्ध को है कोस रही!

यही है प्यार आजकल!


प्यार जैसी भावना भी 

फूट-फूट रो रही; 

न उसका अब भविष्य कोई!

क्या हो रहा है आजकल?-2 

               रवि शंकर उपाध्याय 

मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित|  

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