आज का युवा
कोरे सपनों के बाहु पाश में,
हर दम जकड़ा;
मादक द्रव्यों के दल-दल में,
नख शिख डूबा;
आज का युवा|
अंधकार में भटक रहा है,
देश का सपना चटक रहा है,
गांजा,चरस की लत में डूबा;
आज का युवा |
देश की रीढ़ की हड्डी खिसकी,
अर्थ व्यवस्था की हालत सरकी,
दारू की बोतल में डूबा;
आज का युवा |
माँ-बापू का सपना टूटा,
बुढ़ापे का डण्डा छूटा,
उनका भावी पंक में डूबा;
आज का युवा |
बड़े-बड़ेअभिनेत्री,अभिनेता,
नशे की लत में डूब रहे हैं,
मूल्यों का गुब्बारा फूटा;
आज का युवा |
बेरोजगार उपेक्षित सब हैं,
भ्रष्टाचार के नरक में फँसकर,
गम व अवसादों में डूबा;
आज का युवा |
बड़ी-बड़ी बातों का हौआ,
मन की बातों का काला कौआ,
बेमन ढोनें को मजबूर हुआ;
आज का युवा |
उम्र के साथ जिम्मेदारी बढ़ती,
उसका बोझ उठाना मुश्किल,
ऐसे कितने गम में डूबा;
आज का युवा |
लाखों की नौकरियाँ छूटी,
कोरोना की विपदा टूटी,
इस विपदा से हलकान हुआ;
आज का युवा |
अंधकारमय भविष्य देखकर,
गम से किंकर्त्तब्यविमूढ़ हुआ,
तरह-तरह के नशे में डूबा,
आज का युवा |
गम,दुःख आदि की आँधी आयी,
उसमें सारा देश ही डूबा,
मादक द्रव्यों की शरण में पहुँचा;
आज का युवा |
मन से टूटा, तन से टूटा,
सम्बन्धों से नाता छूटा,
कोरे सपनों की लाश को ढोता!
आज का युवा |
मैंने दिवा स्वप्न देखा!
नशे की लत से निजात मिली;
हृष्ट-पुष्ट खुशहाल हुआ!
आज का युवा |
अब सपना साकार हो सका,
अवसादों से त्राण मिला,
अंधकार से प्रकाश में लौटा,
आज का युवा |
प्रगति की पटरी टूट गयी थी,
टूटी पटरी फिर से सुधरी!
मुख्य धारा में खुश हो लौटा!
आज का युवा-2 |
रवि शंकर उपाध्याय
मौलिक एवं सर्वाधिकार सुरक्षित |

